मजदूरों की हुंकार के आगे झुका प्रशासन, गवर्नर हाउस घेराव से पहले ही एसडीएम वार्ता के लिए धरना स्थल पहुंचे

चंडीगढ़, 6 सितंबर। चंडीगढ़ के कर्मचारियों तथा मजदूरों की मांगों के प्रति चंडीगढ़ प्रशासन की गैर संजीदा के खिलाफ यूनाइटेड फ्रंट ऑफ मास ऑर्गेनाइजेशन चंडीगढ़ के बैनर तले अपनी मांगो को लेकर हजारों मजदूरों ने सोमवार को गवर्नर हाउस को कूच करने से पहले ही एसडीएम सेंट्रल तेजदीप सिंह सैनी ने रैली स्थान पर पहुंच कर मुलाजिमों से मांग पत्र रिसीव कर आश्वासन दिया के प्रशासन जल्द ही मांगों पर बात करेगा। इस प्रदर्शन में चंडीगढ़ के अलग अलग विभागों के सभी कर्मचारियों के अलावा प्राइवेट सेक्टर के मजदूरों तथा ऑटो रिक्शा चालकों ने भी हिस्सा लिया।
नगर निगम चंडीगढ़ के दफ्तर के बाहर विशाल रैली को युनाइटेड फरंट आफ मास आरगेनाईजेशनज के, प्रधान शयाम लाल घावरी, महासचिव राकेश कुमार, चेयरमैन सतिंदर सिंह तथा कनवीनर शीशपाल ने संबोधन करते हुई कहा कि एक तरफ प्रशासन मजदूर मुलाजिमों की प्रमुख मांगो का कोई हल नहीं कर रहा वहीं दूसरी तरफ बात भी करने को तैयार नही है इसलिए जब तक चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा धार 144 को खत्म करके नागरिक अधिकारों को बहाल नही किया जाता, आउट सोर्सेड वर्करों के लिए सिक्योर्ड पॉलिसी नहीं बनाई जाती, चंडीगढ़ की सफाई विवस्था और अन्य सरकारी विभागों को निजी कंपनियों के हाथो में देने के फैसले को वापिस नहीं लिया जाता, रिटायर्ड र्कमचारीयों को उनके बनते पेंशनरी लाभ जल्दी नही दिये जाते, 31.12.96 के बाद भरती किए गए डेली वेज वर्करों को 13.3.15 की पॉलिसी में बदलाव करके रैगुलर नहीं किया जाता, सेल्फ फाइनेंस हाउसिंग स्कीम के लाभ पातरों को पुराने रेट पर मकान अलाट नहीं किये जाते, चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के र्कमचारीयों के लिए पैंशन योजना लागू नहीं की जाती और चंडीगढ़ प्रशासन आउट सोर्स्ड वर्करों के हो रहे आर्थिक शोषण को नहीं रोकता, सीटीयू में 417 बसें पुरी नहीं होती और रुका हुआ 41 बसों का टैंडर पास नहीं किया जाता, रैगुलर खाली पड़ी पोस्टों को भरा नहीं जाता, सिवरमैनो, फायरमैनों तथा बिजली वर्करों का बीमा नहीं किया जाता, जन तक गावों से नगर निगम में आए सफाई कर्मचारियों को बेसिक प्लसडीए नही दिया जाता, ऑटो रिक्शा चालकों की समस्यो का हल नहीं किया जाता, मिनीमम वेज तथा डीसी रेट्स महगई के अकड़े अनुसार नही बड़ाए जाते, नगर निगम के मुलाजिमों की कलाई पर स्मार्ट घड़ियें लगाने का फैसला वापिस नही लिया जाता तथा मृतक के आश्रित को नौकरी नहीं दी जाती तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
उन्होंने घोषणा की है कि अगर प्रशासन मुलाजिमों की बात नहीं सुनता तो फ्रंट की सारी लीडरशिप 21 सितंबर को गवर्नर हाउस के सामने मून प्रदर्शन करेगी। आज के प्रदर्शन में सीवरेज एंप्लॉयी यूनियन के प्रधान और फ्रंट के वाइस चेयरमैन सुरेश कुमार, कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ गवर्नमेंट एंड एमसी एम्पलाइज एंड वर्कर्स यूटी चंडीगढ़ के चेयरमैन और सीएमसी हॉर्टिकल्चर एंप्लॉयीज यूनियन के प्रधान अनिल कुमार, इलेक्ट्रिकल वर्कमैन यूनियन के प्रधान किशोरी लाल, इलेक्ट्रिसिटी स्ट्रीट लाइट एंप्लॉयज एंड वर्कर्स यूनियन के महासचिव दलजीत सिंह, फ्रंट के ऑफिस सेक्रेटरी रणजीत सिंह ,डोर टू डोर वेस्ट कलेक्शन सोसायटी के प्रधान विनोद लौट और दिलबाग टांक, सीटीयू कंडक्टर यूनियन के प्रधान दविंदर सिंह और गुरमेल सिंह दारा,एम ओ एच सफाई कर्मचारी यूनियन के महासचिव सतीश गहलौत, पैक एंप्लॉयस यूनियन के प्रधान हरी मोहन, ट्राई सिटी ऑटो रिक्शा वर्कर्स यूनियन के प्रधान अनिल कुमार,  अखल भारतीय सफाई मजदूर संग के महा सचिव धर्मपाल गहलोत, मैकेनिकल वरकरज युनीयन  के प्रधान माइकल, चंडीगढ़ रिटायर्ड एंप्लॉयस फ्रंट के कन्वीनर रामफल, डा . अंबेडकर एससी बीसी वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव डा.धर्मेंद्र, जीएमएसएच सेक्टर 16 से  उषा रानी, मदन कुमार और सोनू खोसला, डा.अंबेडकर शिक्षा संस्थान संगठन के प्रधान सतीश मचल, यूनाइटेड फ्रंट पब्लिक हेल्थ एंप्लॉयरस यूनियन से चरणजीत सिंह और रघुवीर सिंह, फॉरेस्ट  विभाग से छोटे लाल, स्पोर्ट्स विभाग से मामराज, आरके तिवारी और राजेश कुमार,  फायर विभाग से संजीव शर्मा,इंजीनियरिंग विभाग से वीर सिंह आदि  ने संबोधन  करते चंडीगढ़ प्रशासन के मुलाजिमों की मांगों के प्रति गैर संजीदा पहुंच की सख्त निंदा की तथा मांग की के प्रशासन जल्द मांगो। का हल निकाले।

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