मुख्यमंत्री द्वारा पंजाब को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए लोगों को कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग देने का आह्वान

मुख्यमंत्री द्वारा पंजाब को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए लोगों को कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग देने का आह्वान
मुख्यमंत्री द्वारा पंजाब को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए लोगों को कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग देने का आह्वान

फरीदकोट, 8 दिसंबर। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज पंजाब से सामाजिक बुराईयों को जड़ से खत्म कर देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए पंजाब निवासियों को कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग करने का आह्वान किया।
आज यहाँ जच्चा-बच्चा केंद्र का उद्घाटन और 250 नर्सिंग अफसरों को नियुक्ति पत्र सौंपने के बाद बाबा फऱीद यूनिवर्सिटी ऑफ हैल्थ साइंसज़ में समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाबियों को अपनी पसंद के हर क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल करने का अद्वितीय जज़्बा की बख्शीश हासिल है। उन्होंने कहा कि इसी कारण पंजाबियों ने अपनी मेहनत और लगन से दुनिया भर में अपनी काबिलियत का सबूत दिया है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि अब समय आ गया है जब पंजाबियों को राज्य से सामाजिक बुराईयों को ख़त्म करने के लिए मिलकर प्रयास करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाबी जन्म से ही उद्यमी और नेतृत्व करने वाले होते हैं, जिस कारण उन्होंने विश्व भर में हर क्षेत्र में अपना अलग स्थान हासिल किया है। उन्होंने कहा कि पंजाबियों की मेहनत और लगन का कोई सानी नहीं, जिसके स्वरूप वह हर क्षेत्र में अपनी विलक्षणता कायम करते हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार राज्य की तरक्की के लिए इस भावना को सही अर्थों में अमल में लाने और ‘रंगला पंजाब’ सृजन करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हम सभी के लिए गर्व और संतुष्टी की बात है कि हाल ही में एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम के 10 खिलाड़ी पंजाब के हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने राज्य में खेलों को प्रफुल्लित करने पर बहुत अधिक ज़ोर दिया है, जिससे नौजवानों की असंख्य ऊर्जा को सकारात्मक दिशा की ओर लगाया जा रहा है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इसी का नतीजा है कि पंजाबियों ने हाल ही में समाप्त हुई एशियन खेलों में 19 पदक जीते हैं, जोकि एशियाड की शुरुआत से अब तक जीते गए सबसे अधिक पदक हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह बाबा शेख फऱीद जी की पवित्र धरती पर इस समारोह का हिस्सा बनकर खुश हैं। उन्होंने कहा कि बाबा फऱीद जी का जीवन और दर्शन आज के पदार्थवादी समाज में बहुत प्रसांगिक है। उन्होंने कहा कि बाबा फऱीद जी की शिक्षाएं आने वाली पीढिय़ों के लिए पूरी लगन और शिद्दत से मानवता की सेवा करने के लिए प्रेरित करती हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि हर साल बाबा फऱीद आगमन पर्व मेले में समाज के हर वर्ग के लोग पूरी धार्मिक भावना और धूम-धाम से शिरकत करते हैं।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने उम्मीद अभिव्यक्त की कि मानक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से आज जच्चा- बच्चा केंद्र लोगों को समर्पित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह नया बना अस्पताल गर्भवती औरतों और नवजात बच्चों को अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करने के लिए बहुत सहायक सिद्ध होगा। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य लोगों को इन अस्पतालों में अच्छा इलाज देना है।
मुख्यमंत्री ने नव-नियुक्त 250 नर्सिंग अफ़सरों को बधाई देते हुए मिशनरी भावना से लोगों की सेवा करने के लिए प्रेरित किया, क्योंकि अब वह सरकार का अटूट अंग बन चुके हैं। भगवंत सिंह मान ने उम्मीद अभिव्यक्त की कि नये भर्ती होने वाले नौजवान अपनी नौकरी के दौरान समाज के जरूरतमंद और पिछड़े वर्गों की मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि नये भर्ती हुए नौजवानों को अधिक से अधिक लोगों के कल्याण को सुनिश्चित बनाना चाहिए, जिससे समाज के हर वर्ग को इसका लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों की बेरुख़ी के कारण राज्य के नौजवानों के लिए सरकारी नौकरियाँ पहले ‘असंभव होने’ जैसा था, जबकि उनकी सरकार ने नौजवानों को योग्यता और मैरिट के अनुसार नौकरियाँ देने के लिए पारदर्शी विधि तैयार की। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों में लोगों की सही मायनों में सेवा करने की प्रतिबद्धता और जज़्बे की कमी थी, जिस कारण यह नौकरियाँ नौजवान हासिल नहीं कर पाते थे। भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार बनने से लेकर अब तक के समय के अंदर योग्य नौजवानों को 38000 से अधिक सरकारी नौकरियाँ दी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो नौजवान अभी भी सरकारी नौकरियों के लिए इम्तिहान पास नहीं कर सके हैं, उनको हौसला नहीं हारना चाहिए और सख़्त मेहनत करते रहना चाहिए, क्योंकि हज़ारों सरकारी नौकरियों के लिए भर्ती प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को यह नौकरियाँ मिली हैं, उनको इस नौकरी पर ही संतुष्ट नहीं हो जाना चाहिए, बल्कि और बेहतर अवसर हासिल करने के लिए सख़्त मेहनत करनी चाहिए। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन नौजवानों की न तो यह पहली सरकारी नौकरी होनी चाहिए और न ही यह आखिरी होनी चाहिए, क्योंकि राज्य के मेहनती नौजवानों के लिए असीम अवसर हैं।
मुख्यमंत्री ने नौजवानों से अपील की कि वह अपनी उपलब्धि पर गर्व न करें बल्कि विनम्र होकर काम करें और अधिक सफलता के लिए मेहनत करें। उन्होंने कहा कि आत्म-विश्वास और सकारात्मक सोच हर व्यक्ति की शख्सियत के मूल गुण होने चाहिएं, परन्तु इसमें कोई अहंकार नहीं होना चाहिए। भगवंत सिंह मान ने कहा कि हर क्षेत्र में सफलता हासिल करने के लिए यही कुंजी है और इसको सही मायनों में लागू करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राज्य के सर्वांगीण विकास और लोगों की खुशहाली के लिए प्रतिबद्ध है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस नेक कार्य के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी, जिससे पंजाब देश में अग्रणी राज्य बनकर उभर सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पहले ही कई लोक-हितैषी और विकास प्रमुख नीतियों की शुरुआत करते हुए कई बड़े प्रयास किए हैं।

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