शिक्षण संस्थान चरित्र निर्माण पर फ़ोकस करते हुए विद्यार्थियों में नैतिक मूल्य विकसित करें: राज्यपाल

चंडीगढ़, 14 मई। हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि शिक्षण संस्थान चरित्र निर्माण पर फ़ोकस करते हुए विद्यार्थियों में नैतिक मूल्य विकसित करें। उन्होंने विद्यार्थियों का भी आहवान किया कि वे शिक्षा पूरी करके विश्व में कहीं भी जाकर नौकरी करें, पैसा कमायें लेकिन अपने देश भारत , अपने प्रदेश हरियाणा और अपने गाँव को ना भूलें।
वे आज गुरुग्राम के जीडी गोयंका विश्वविद्यालय के 7वे दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। इस समारोह में 807 विद्यार्थियों को मेडल, डिग्रियां व उपाधियां देते हुए सम्मानित किया गया। इनमें 13 डिप्लोमा, 550 अंडर ग्रेजुएट, 230 पोस्ट ग्रेजुएट तथा 14 पीएचडी डिग्रियाँ शामिल थी।
इस अवसर पर उपस्थित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि शिक्षण के क्षेत्र में कोई भी उपाधि प्राप्त करने उपरांत विद्यार्थी रोजगार प्राप्ति का सोचते हैं लेकिन युवाओं को चाहिए कि वे नौकरी लेने वाले नहीं बल्कि नौकरी देने वाले बनने की दिशा में आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि युवा इनोवेशन , रिसर्च और तकनीक को अपना कर स्टार्ट अप शुरू करें। उन्होंने कहा कि भारत आज निरंतर तकनीक व रिसर्च के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है, ऐसे में नई नई तकनीक जैसे – रोबोटिक , आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटर्नेट ओफ़ थिंग्स आदि को अपनाते हुए आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा सरकार इन तकनीकों का इस्तेमाल करते हुए निरंतर आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कौशल विकास का नया मंत्रालय बनाया है क्योंकि आगे बढ़ने के लिए कौशल होना ज़रूरी है। हरियाणा में 1200 करोड़ रुपए की लागत से पलवल में देश की पहली स्किल यूनिवर्सिटी स्थापित की जा रही है। उन्होंने कहा कि देश में जितना ज्यादा कौशल विकास होगा उतने अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि जापान में 82 प्रतिशत जनसंख्या स्किल्ड है। इसी प्रकार ताइवान में 89 प्रतिशत, चीन में 75 प्रतिशत से अधिक लोग स्किल्ड हैं लेकिन भारत में केवल 4.5 प्रतिशत लोग ही स्किल्ड है।
नई शिक्षा नीति 2020 पर बोलते हुए राज्यपाल ने कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 रोजगरोन्मुखी होने के साथ साथ नैतिक मूल्यों पर ज़ोर देती है। केंद्र सरकार द्वारा नई शिक्षा नीति को 2030 तक पूरे देश में लागू करने का लक्ष्य रखा गया है जबकि हरियाणा सरकार इस नई शिक्षा नीति को 2025 तक लागू करने जा रही है।
राजपाल ने कहा कि आज जो मेडल व डिग्रियाँ वितरित की है उनमें लड़कों से लड़कियों की संख्या ज़्यादा है। कार्यक्रम में 44 लड़कियों तथा 28 लड़को को मेडल मिले है। कुल 72 मेडल दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि लड़कियों को आगे बढ़ता देख अच्छा लगता है। आज हर क्षेत्र में लड़कियाँ अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने पढ़ाई के साथ साथ खेलों में भी भाग लेने की नसीहत दी और कहा हरियाणा तो खेलों में देश में नम्बर वन है। हरियाणा सरकार खिलाड़ियों को सबसे ज़्यादा इनाम राशि दे रही है।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के तौर पर गुरुग्राम की पुलिस आयुक्त कला रामचंद्रन ने अपने विचार रखते हुए विद्यार्थियों को दूसरों की मदद करने को प्रेरित करते हुए उनका मार्गदर्शन किया। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में नैतिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ने के लिए कहा । उन्होंने कहा कि जीवन में वे जिस भी क्षेत्र का चुनाव करें उसमें एक्सपर्ट बने। विद्यालयों और विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों को केवल बेसिक नॉलेज और शिक्षा मिलती है लेकिन उन्हें जीवन में अभी बहुत सी चुनौतियों का सामना करना है इसलिए वे जीवन में सीखने का निरंतर प्रयास करें और दूसरों से भी सीखने की कोशिश करें। इसके साथ ही उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति से मानवीयता व सहजता के साथ पेश आने के लिए भी प्रेरित किया।
इस अवसर पर जी डी गोयनका विश्वविद्यालय की कुलाधिपति श्रीमती रेनू गोयनका , कुलपति प्रो0 तबरेज अहमद, गुरूग्राम की पुलिस आयुक्त  कला रामचन्द्रन ,रजिस्ट्रार डॉ धीरेन्द्र सिहं परिहार , दीक्षांत समारोह में उपस्थित अभिभावक, शिक्षक गण, जिले के प्रशासनिक अधिकारीगण उपस्थित थे।

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