बजट बहुत ही संतुलित और दूरगामी: अनूप धानक

चंडीगढ़, 9 मार्च। हरियाणा के श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री अनूप धानक ने वर्ष 2022-23 के बजट में रोजगार विभाग के लिए 1671.37 करोड़ रुपये और श्रम विभाग के लिए 221.97 करोड़ रुपये का प्रावधान करने के लिए मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट बहुत ही संतुलित और दूरगामी है।
श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री अनूप धानक ने इस बजट को कई मायनों में अभूतपूर्व बताते हुए कहा कि इसमें समाज के हर वर्ग का ख्याल रखा गया है। साथ ही, बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, श्रम व रोजगार सहित हर क्षेत्र में सुधार की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि हरियाणा का 2022-23 का बजट महिलाओं को समर्पित है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा के युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसरों तथा सरकार में अस्थायी कार्य आवश्यकताओं से जोडऩे के लिए सक्षम युवा प्लेसमेंट सेल और हरियाणा रोजगार पोर्टल एक प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किए गए हैं। रोजगार पोर्टल पर 14,574 कर्मचारियों और 27 जॉब एग्रीगेट्र्स को जोड़ा गया है। निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने हेतु युवाओं की सुविधा के लिए सरकार की प्रदेशभर में 200 रोजगार मेले आयोजित करने की योजना है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा के युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर प्रदान करने के लिए सरकार ने एक कौशल प्रशिक्षण एवं विकास तंत्र बनाया है। इस तंत्र के कार्यान्वयन और विदेशों में प्लेसमेंट के अवसर तलाश करने के लिए नव-स्थापित विदेश सहयोग विभाग में हरियाणा विदेश रोजगार प्लेसमेंट सैल स्थापित किया जाएगा। कम्पनी अधिनियम, 2013 के तहत हरियाणा कौशल रोजगार निगम लिमिटेड को एक कम्पनी के रूप में स्थापित किया गया है। यह निगम सरकारी और सरकार के स्वामित्व वाले संगठनों में मानव शक्ति नियुक्त करेगा और इसके द्वारा अनुबंधित मानव शक्ति को ठेकेदारों के शोषण से बचाएगा।
उन्होंने कहा कि श्रम बल के हित के लिए एक सुरक्षित और स्वस्थ कार्य वातावरण आवश्यक है। सरकार का लक्ष्य डायल-112 के साथ एकीकृत मेजर एक्सीडेंट हैजर्ड कंट्रोल सेंटर स्थापित करने का है ताकि उन शिकायतों और दुर्घटनाओं पर त्वरित रिसपॉन्स प्रदान किया जा सके। श्रमिकों की नियमित चिकित्सा जाँच के लिए सरकार पानीपत, सोनीपत, अंबाला, हिसार, रोहतक और जींद में 6 नई औद्योगिक स्वच्छता प्रयोगशालाएं स्थापित करेगी।
उन्होंने कहा कि हिसार, रोहतक, सोनीपत, अंबाला, करनाल और पंचकूला में छ: नए 100 बिस्तरों वाले अस्पतालों तथा करनाल, रोहतक, झाड़ली, गन्नौर, मुलाना, घरौंडा, फर्रुखनगर, कोसली, साहा, छछरौली, पटौदी, भूना, चरखी दादरी और उकलाना मंडी में 14 नए ई.एस.आई. औषधालयों का निर्माण शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि औद्योगिक श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार करने हेतु ईएसआईसी औषधालयों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ सुदृढ़ किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बीमित व्यक्तियों और उनके परिवार के सदस्यों को पैनलबद्ध निजी अस्पतालों के माध्यम से कैशलेस आधार पर द्वितीय स्तर की चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जाएंगी। बाल मजदूरी और प्रवासी पुनर्वास के मुद्दे को हल करने के लिए सरकार गुरुग्राम और फरीदाबाद में बाल श्रम पुनर्वास केंद्र तथा प्रवासी श्रमिकों के बच्चों के लिए गुरुग्राम, मानेसर, फरीदाबाद और पानीपत में 4 नए स्कूल खोलेगी।

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