गुरुग्राम प्रवास के दौरान सीएम ने यूक्रेन से लौटे विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों से की बात

चंडीगढ़, 6 मार्च। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अपने गुरुग्राम प्रवास के दौरान रविवार को यूक्रेन से वापस आए विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों से बातचीत की और कहा कि उनसे जो सुझाव मिले हैं उन्हें वे पीएम नरेंद्र मोदी  तक पहुंचाएंगे ताकि मेडिकल शिक्षा ग्रहण कर रहे इन विद्यार्थियों की ज्यादा से ज्यादा मदद हो सके।
गुरुग्राम के लोक निर्माण विश्राम गृह में मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए सीएम मनोहर लाल ने कहा कि यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे युद्ध के कारण बहुत बड़ी समस्या अचानक वहां पढ़ रहे हमारे विद्यार्थियों के सामने आ गई थी। उसमें हमारे देश के लगभग 18,000 से 19000 विद्यार्थी थे। हरियाणा प्रदेश के भी इनमें लगभग 1800 विद्यार्थी हैं। उन्होंने कहा कि युद्ध छिड़ने के बाद पहला काम यह रहा कि ये सभी विद्यार्थी सकुशल वहां से वापस लौट आयें। उसकी व्यवस्थाएं भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने की हैं। हमारे वरिष्ठ मंत्री यूक्रेन के पड़ोसी देशों में गए हैं। वहां से विशेष उड़ाने  चलाई गई। अधिकांश लोग वहां से वापस लौट आए हैं, फिर भी कुछ विद्यार्थी अभी भी यूक्रेन के शहरों में फंसे हुए हैं। जो लोग बॉर्डर पर पहुंच गए हैं उन्हें लेकर आज भी विशेष फ्लाइट आ रही है। जो लोग अभी भी वहां रह गए हैं वे सुरक्षित कैसे निकले, इसकी चिंता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कर रहे हैं और जो लोग हरियाणा से हैं, उनसे हम लगातार संपर्क बनाए हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूक्रेन में हरियाणा के 1800 के आसपास विद्यार्थी थे जिनमें से कल  तक 1234 वापस आ चुके हैं। कुछ लोग बॉर्डर पर हैं, उन्हें लाया जा रहा है और कुछ दिल्ली तथा मुंबई पहुंच गए हैं। प्रदेश के 80 के आसपास अभी भी युक्रेन के शहरों में हैं, उनसे संपर्क बना हुआ है। वे कैसे वहां से निकल सकते हैं, उसकी चिंता हम लोग कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि जब सभी विद्यार्थी यूक्रेन से वापिस आ जाएंगे तो इनके भविष्य की चिंता भारत सरकार और मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया करेगी। हम उनके निर्णयों का पालन करेंगे। आज भी गुरुग्राम में यूक्रेन से लौटे विद्यार्थियों तथा उनके अभिभावकों से बातचीत की गई हैं। उन्होंने जो अच्छे सुझाव हमें दिए हैं उन सुझावों को हम प्रधानमंत्री तक पहुंचाएंगे ताकि इनकी ज्यादा से ज्यादा मदद हो सके।
इन विद्यार्थियों की डिग्री के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि जिस मेडिकल कॉलेज में ये विद्यार्थी पढ़ रहे हैं, डिग्री उसी कॉलेज को ही देनी है। जिन विद्यार्थियों का बहुत कम समय रह गया है, उनको डिग्री वहां से कैसे मिले, इसके बारे में युक्रेन में स्थिति सामान्य होने के बाद ही इस विषय में बातचीत की जाएगी कि इन्हें डिग्री लेने वहां ना जाना पड़े, यहीं कोई व्यवस्था हो जाए लेकिन यह सब युक्रेन में शांति बहाली के बाद ही संभव होगा।
इससे पहले विद्यार्थियों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आप लोग बहुत कठिनाइयां झेलकर वापिस आएं हैं, आपको लग रहा होगा जैसे कि युद्ध के मैदान से आए हैं। उन्होंने इन विद्यार्थीयों को बताया कि प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया है कि जिन विद्यार्थियों का कोर्स पूरा हो गया है उन्हें इंटर्नशिप का मौका देंगे। उसके बाद नियम अनुसार एफएमजीए की परीक्षा पास करनी होगी। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से पूछा कि ऐसी स्थिति में आप बताएं कि क्या किया जा सकता है। विद्यार्थियों ने दिल खोलकर मुख्यमंत्री को सुझाव भी दिए और बताया कि वे कैसे भारत का तिरंगा लगाकर बॉर्डर के पार पहुंचे। भारत का राष्ट्रीय ध्वज लगे वाहन को वहां पर बॉर्डर क्रॉस करने दिया जा रहा है। इसके लिए इन विद्यार्थीयों ने पीएम मोदी और हरियाणा सरकार द्वारा दिए गए सहयोग की सराहना भी की। जब इन विद्यार्थियों से पूछा गया कि क्या स्थिति सामान्य होने पर वे फिर से युक्रेन में पढ़ाई करने जाना चाहेंगे तो अधिकतर ने हां में जवाब दिया। सीएम भी इन विद्यार्थियों का जज्बा देख हैरान हुए और सभी को उन्होंने भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।
इस मौके पर सीएम मनोहर लाल के साथ पटौदी के विधायक सत्यप्रकाश जरावता, भाजपा जिला अध्यक्ष गार्गी कक्कड़, जिला भाजपा महामंत्री मनीष गाडोली व महेश यादव तथा मीडिया कॉर्डिनेटर मुकेश वशिष्ठ भी उपस्थित थे।

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