हरियाणा के राज्यपाल ने स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री को पुण्यतिथि पर पुष्पांजलि अर्पित की

चंडीगढ़, 11 जनवरी। हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री जी सर्वोच्च कोटि की नम्रता, ईमानदारी, सादगी और सत्यनिष्ठा के प्रतिमूर्ति थे, जिन्होंने अपना व्यक्तिगत जीवन सबके लिए आदर्श बनाया। राज्यपाल दत्तात्रेय ने यह विचार स्वर्गीय शास्त्री जी की पुण्यतिथि पर राजभवन में उनकी मूर्ति पर पुष्पांजलि अर्पित कर व्यक्त किए।
राज्यपाल दत्तात्रेय ने महान नेता और पूर्व प्रधानमंत्री को याद करते हुए कहा कि शास्त्री जी हमेशा सकारात्मक ऊर्जा से भरे रहते थे। उनकी सादा जीवन उच्च विचार की शैली ने न केवल देश के लोगों को प्रभावित किया बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मंत्रमुग्ध कर देने वाला प्रभाव था। शास्त्री जी सच्चे राष्ट्रवादी थे।
शास्त्री जी अपनी कड़ी मेहनत, नैतिक चरित्र, उच्च मनोबल और  दृढ़ संकल्प के बल पर बहुत ही सामान्य पृष्ठभूमि से उठकर, देश के प्रधान मंत्री बने। उन्होनें शास्त्री जी को देश का सच्चा हीरा बताया। शास्त्री जी के स्कूल के दिन चुनौतियों और कठिनाइयों से भरे थे, फिर भी उन्होंने कभी हार नहीं मानी और सदैव आगे बढ़े।
राज्यपाल दत्तात्रेय ने कहा कि 1965 में पाकिस्तान के साथ युद्ध के दौरान उनके ’जय जवान, जय किसान’ के नारे ने पूरे देश को राष्ट्रवादी उत्साह से सराबोर कर दिया था। इसी नारे से ओत प्रोत होकर देश के किसानों ने कड़ी मेहनत कर हरित क्रान्ति को सफल बनाया, जिसकी बदौलत आज देश खाद्यान्न में आत्मनिर्भर तो बना ही बल्कि अन्य देशों को खाद्यान्न सामग्री निर्यात कर रहा है।
राज्यपाल दत्तात्रेय ने कहा कि आज हम ’आजादी के अमृत महोत्सव’ के रूप में 75 वर्ष मना रहे हैं, हमें एक भारत, श्रेष्ठ भारत के सपने को साकार करने के लिए  शास्त्री जी के आदर्शों और शिक्षाओं को जनता के बीच फैलाने की जरूरत है।

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