मुख्यमंत्री ने आंगणवाड़ी वर्करों, मिनी आंगणवाड़ी वर्करों व हैल्परों के मासिक वेतनों में वृद्धि का किया ऐलान

मोरिंडा, 4 जनवरी। पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने आज आंगणवाड़ी वर्करों के कल्याण के लिए राज्य भर के 53000 से अधिक आंगणवाड़ी वर्करों, मिनी आंगणवाड़ी वर्करों और हैल्परों के मासिक मानभत्ते में वृद्धि का ऐलान किया है। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि यह सभी कर्मचारी अब 1जनवरी, 2023 से अपने वार्षिक मानभत्ते में नियमित वृद्धि के लिए योग्य होंगे। इस मौके पर मुख्यमंत्री चन्नी ने 67 सफ़ाई सेवकों को नियुक्ति पत्र भी बांटे।
मोरिंडा की अनाज मंडी में आंगणवाड़ी वर्करों के भारी जलसे को संबोधन करते हुये मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि अब से आंगणवाड़ी वर्करों का मासिक वेतन 8100 रुपए से बढ़ा कर 9500 रुपए, मिनी आंगणवाड़ी वर्करों का 5300 रुपए से बढ़ा कर 6300 रुपए और हैल्परों का वेतन 4050 रुपए से बढ़ा कर 5100 रुपए किया जायेगा। इसी तरह आंगणवाड़ी वर्करों के मानभत्ते में हर साल 500 रुपए का विस्तार किया जायेगा जबकि मिनी आंगणवाड़ी वर्करों और हैल्परों के मानभत्ते में 250 रुपए का विस्तार किया जायेगा।
आंगणवाड़ी वर्करों को राज्य की प्रशासनिक प्रणाली की रीढ़ की हड्डी बताते हुये मुख्यमंत्री ने दोहराया कि महिलाओं का कल्याण और उनका सशक्तिकरण राज्य सरकार की प्राथमिकता है। चन्नी ने कहा कि इससे पहले भी समाज के इस महत्वपूर्ण वर्ग की समूची भलाई को यकीनी बनाने के लिए वचनबद्धता के हिस्से के तौर पर 67000 से अधिक आशा वर्करों और मिड डे मील वर्करों के मासिक वेतनों में विस्तार किया गया था।
हाल ही में कोविड के मामलों में हो रही वृद्धि के मद्देनज़र लोगों को सावधानी बरतने की सलाह देते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना की किसी भी गंभीर स्थिति का सामना करने के लिए पंजाब सरकार के पास उपयुक्त स्वास्थ्य संभाल बुनियादी ढांचा मौजूद है।
अपनी सरकार द्वारा किये गए जन-समर्थकीय पहलकदमियों संबंधी जानकारी देते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दरें 3 रुपए प्रति यूनिट घटाईं गई, पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में क्रमवार 10 रुपए और 5रुपए कटौती की गई और पानी सम्बन्धी खर्चा घटा कर 50 रुपए किया गया। चन्नी ने कहा कि यह पहलकदमियां राज्य सरकार की तरफ से लोगों का पैसा उनको वापिस करने सम्बन्धी वचनबद्धता को दर्शाती हैं।
अपने संबोधन में वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने कहा कि मौजूदा प्रबंध उन महिलाओं को पेश आ रही समस्याओं से अवगत करवाता है, जिनको पेशेवर जिम्मेदारियों के साथ-साथ घरेलू कामकाज का भी ख़्याल रखना पड़ता है, इसलिए वे अपने मासिक वित्तीय लाभों (भत्ता) में बड़े विस्तार की हकदार हैं।
सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री रज़िया सुल्ताना ने इस वृद्धि के लिए मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री का धन्यवाद करते हुये आंगणवाड़ी वर्करों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार ज़रूरत की घड़ी में उनके साथ कंधे से कंधा जोड़ कर खड़ी है।
इस मौके पर अन्यों के अलावा कैबिनेट मंत्री राणा गुरजीत सिंह, पूर्व मंत्री साधु सिंह धर्मसोत, तरन तारन के विधायक धर्मबीर अग्निहोत्री, आंगणवाड़ी नेता हरगोबिन्द कौर, उषा रानी और सरोज छपड़ीवाल उपस्थित थे।

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